हाय रे रोमियो !
एंटी-रोमियो स्क्वाड : घोर आपत्ति है मुझे इस टैग से!
कितना सही है किसी सड़क चलते मनचले, मवाली बद्तमीज़ लड़के को एक महान उपन्यास 'रोमियो एन्ड जूलिएट' में दर्शाये गए महान प्रेमी रोमियो का दर्जा देना? उसे रोमियो बता कर तो आपने वैसे ही उस मवाली का कद ऊँचा कर दिया. या ये माना जाए कि रोमियो भी मनचला और बद्तमीज़ श्रेणी का था? अगर ये माना जाए कि आप 'रोडसाइड रोमियो' की बात कर रहे हैं तो भी क्यों रोमियो और मजनू को ही बदनाम और डीग्रेड किया गया है? और उन लड़कियों के लिए कौन-सा स्क्वाड बनाया जाए जो लड़कों को छेड़ती हैं, लड़कों को परेशान करती हैं : एंटी-जूलिएट स्क्वाड या एंटी-हीर स्क्वाड.. !?
रोमियो को रोमियो ही रहने दें. किसी सरकारी योजना को लागू करने के लिए कम से कम ऐसी ओच्छी ब्रांडिंग न ही की जाए तो अच्छा है. साहित्यकारों और लेखकों की महान रचनाओं को बख्शें.
और मैं योदी-मोगी सरकार से माँग करती हूँ कि रोमियो के जनक श्री विलियम शेक्सपियर जी की आत्मा शान्ति के लिए अखंड यज्ञ करवाया जाए!
#AntiRomeoSquad
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